आजादी की खुशबू
रात में कभी मोगरे को सूंघा है?
जब ठंडी हवाएं चल रहीं हों,
जब पेड़ों के सरसराहट की आवाजें आ रहीं हों,
जब चाँद भी आसमान में हो.
मोगरे की खुशबू तब कुछ अलग ही होती है,
जैसे खुले आसमान में उड़ना,
जैसे सुनसान सड़क पर रात में चलना.
अगर आज़ादी की खुशबू होती
तो वो बिलकुल मोगरे की तरह ही होती.
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